इसमें भी कोई सन्देह नहीं कि आज युवा पीढ़ी में खेल-कूद का शौक बढ़ रहा है, खेलो के इतिहास मे भारत के कुछ खिलाड़ियों ने विश्व मे जो नए रेकर्ड तोड़े है उनसे युवा पीढ़ी मे खेल भावना और भी अधिक बढ़ी है परंतु दुःख इस बात का है कि उन्हें ना तो खेल इतिहास का पता चल पा रहा है न ही उन्हें कोई ऐसा मार्गदर्शक मिल पा रहा हैं। इसी कमी के कारण अनेक लोग इधर-उधर भटक रहे है, वे खेल-कूद मे भाग तो लेना चाहते है परंतु-उनकी यह आशा उस समय निराश मे बदल जाती है जब कोई रास्ता नहीं मिलता।

इसमे भी अधिक दुःख की बात उनके लिए यह होती है कि वे बाज़ारों मे खेल-कूद के विषय पर जब कोई पुस्तक लेने जाते हैं तो उन्हें और सैकड़ों विषयों पर पुस्तकें मिल जाती हैं। लेकिन खेल-कूद और स्वास्थ्य शिक्षा का साहित्य तो नाम मात्र के लिए हाई कहीं मिल पाएगा, जो मिलता है, वह भी या तो पुराना होगा या अधूरा। ऐसे मे उन्हें निराशा के सिवा क्या मिल सकता है।

इस सितिथि मे प्रस्तुत पुस्तक ‘भारतीय खेल एवं स्वास्थ्य-शिक्षा’ सभी खेलों के बारे मे ऐसी सभी महतपुरान जानकारियों का अक्षयपत्रा है जो सभी आयुवर्ग एवं श्रेणी के पाठकों-छात्र,शिक्षक,प्रशिक्षक। बुधिजीवि एवं सामान्य पाठक-की विशयनुकूल क्षुधा तृप्ति करने मे पुणरत: सक्षम है।